बैकुण्ठपुर। नगर पालिका क्षेत्र बैकुण्ठपुर में आगामी नगरीय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच गांधी नागरिक एकता मंच के अध्यक्ष एवं वर्तमान पार्षद संजय जायसवाल ने अपने राजनीतिक सफर, जनहित के मुद्दों और बैकुण्ठपुर के विकास को लेकर अपना विजन सामने रखा है।
संजय जायसवाल ने अपने संदेश में कहा है कि उनका राजनीतिक सफर केवल चुनाव और पद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनसमस्याओं को उठाने और गलत नीतियों के विरोध के लिए संघर्ष करने पर केंद्रित रहा है। उनके अनुसार, वर्ष 2000 में दुर्गा पूजा उत्सव समिति से सामाजिक गतिविधियों की शुरुआत हुई और इसके बाद लगातार सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
तीन बार जनता ने चुना अपना प्रतिनिधि
जायसवाल के अनुसार, पार्षद बनने के बाद उन्होंने नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाई और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका दावा है कि लगातार जनसंपर्क और सक्रिय कार्यशैली के चलते जनता ने उन्हें तीन बार अपना प्रतिनिधि चुना।
उन्होंने गांधी नागरिक एकता मंच के माध्यम से भी विभिन्न जनसमस्याओं को उठाने का उल्लेख किया है। पर्चे में वर्ष 2016-17 के दौरान नागरिक एकता मंच के गठन और विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन किए जाने का भी उल्लेख है।
स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं के खिलाफ संघर्ष का दावा
संजय जायसवाल ने अपने राजनीतिक संघर्ष में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया है। पर्चे के मुताबिक, वर्ष 2024 में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामले में शिकायतें सामने आने के बाद उन्होंने कथित अनियमितताओं को लेकर आवाज उठाई और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की।
हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित विभाग या अधिकारियों का पक्ष इस सामग्री में शामिल नहीं है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना आवश्यक है।
बैकुण्ठपुर के विकास को लेकर छह प्रमुख प्राथमिकताएं
संजय जायसवाल ने बैकुण्ठपुर को “स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और आधुनिक शहर” बनाने का विजन रखा है। उन्होंने कहा है कि केवल सरकारी योजनाओं से शहर का विकास संभव नहीं है, बल्कि जनभागीदारी भी जरूरी है।
उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में—
1. मल्टीलेवल पार्किंग बनाकर बढ़ते यातायात और पार्किंग की समस्या का समाधान।
2. जल निकासी और वर्षा जल प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था।
3. सार्वजनिक शौचालयों का ऑडिट कर उनकी वास्तविक स्थिति सुधारना।
4. सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाकर नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
5. शहर की नालियों की लेवलिंग एवं बेहतर जल निकासी व्यवस्था।
6. शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग कर बाजार, पालिका बाजार एवं अन्य जनोपयोगी सुविधाओं का विकास।
“जनभागीदारी सबसे बड़ी ताकत”
जायसवाल ने अपने संदेश में कहा कि बैकुण्ठपुर को आधुनिक शहर बनाने के लिए जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को विकास प्रक्रिया से जोड़ने, रोजगार, शिक्षा और स्वच्छता जैसे विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
उन्होंने नगर पालिका के कामकाज में जनता की सीधी भागीदारी बढ़ाने की बात कहते हुए पहले 100 दिनों का रोडमैप, प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल की बैठक तथा प्रत्येक सप्ताह जनदर्शन जैसे कार्यक्रमों का प्रस्ताव भी सामने रखा है।
“पद नहीं, जिम्मेदारी चाहिए”
अपने संदेश के अंत में संजय जायसवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पद हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी लेकर बैकुण्ठपुर के विकास के लिए काम करना है। उन्होंने जनता से विकास के मुद्दों पर सोच-समझकर निर्णय लेने और शहर के भविष्य के लिए जनभागीदारी के साथ नई शुरुआत करने की अपील की है।
नोट: यह खबर उपलब्ध प्रचार सामग्री में दिए गए दावों और विजन पर आधारित है। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन अथवा अन्य संस्थाओं पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि/संबंधित पक्ष का जवाब अलग से लिया जाना आवश्यक है।




