बैकुंठपुर/कोरिया। बैकुंठपुर नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक से पहले वार्ड क्रमांक 20 के पार्षद संजय जायसवाल ने नगर पालिका में कराए गए विभिन्न कार्यों और भुगतान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष नविता शैलेश शिवहरे एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर संबंधित मामलों को सामान्य सभा के एजेंडे में शामिल करने तथा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पार्षद संजय जायसवाल ने अपने आवेदन में डीजल-पेट्रोल के भुगतान, पाइपलाइन विस्तार कार्य तथा परिषद की बैठक में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए हैं।
डीजल-पेट्रोल भुगतान की जांच की मांग
पार्षद के अनुसार नगर पालिका बैकुंठपुर में डीजल-पेट्रोल के भुगतान के नाम पर लगभग 25 से 30 लाख रुपये की राशि खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
संजय जायसवाल का कहना है कि यदि इस भुगतान में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो वह जांच के बाद स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि मामले को सामान्य सभा के एजेंडे में शामिल कर परिषद के सामने रखा जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों को भी पूरे मामले की जानकारी मिल सके।
34 करोड़ की पाइपलाइन योजना पर भी सवाल
पार्षद ने शहर की पाइपलाइन विस्तार एवं जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आवेदन में उन्होंने बताया है कि राज्य शासन की ओर से नल आपूर्ति के लिए करीब 34 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें लगभग 23 करोड़ रुपये का कार्य कराया जा चुका है।
उन्होंने पाइपलाइन विस्तार कार्य में गुणवत्ता, तकनीकी व्यवस्था और भुगतान से जुड़े बिंदुओं की जांच की मांग की है। पार्षद का आरोप है कि कई स्थानों पर आवश्यकता के अनुरूप पाइपलाइन में वाल्व नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते पाइपलाइन में लीकेज या अन्य समस्या आने पर बड़े क्षेत्र की पानी सप्लाई प्रभावित होने की स्थिति बनती है।
उन्होंने संबंधित कार्य की जांच उच्च अधिकारियों से कराने की मांग की है। साथ ही यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।
“जांच हो, तभी सामने आएगी पूरी सच्चाई” — संजय जायसवाल
पार्षद संजय जायसवाल का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसे नगर पालिका परिषद की आगामी सामान्य सभा के एजेंडे में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कार्य या भुगतान में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या अनियमितता हुई है, तो जांच के माध्यम से वह खुलकर सामने आनी चाहिए। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता और जनता के पैसों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है।
परिषद की बैठक को पारदर्शी बनाने की मांग
संजय जायसवाल ने परिषद की सामान्य सभा की बैठक के विषयों और कार्यवाही को आम नागरिकों तक पहुंचाने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि नगर पालिका परिषद की बैठकों में लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी जनता तक पहुंचनी चाहिए, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे।
कार्रवाई नहीं हुई तो धरने की चेतावनी
पार्षद ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि यदि उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
अब पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन का पक्ष और जांच के बाद सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल पार्षद द्वारा लगाए गए आरोप उनके लिखित आवेदन और उनके कथन पर आधारित हैं; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्य सवाल यही है कि क्या सामान्य सभा की बैठक में इन मुद्दों को एजेंडे में शामिल कर जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय होगी?
CG "बैकुंठपुर नगर पालिका में करोड़ों के काम पर उठे सवाल, पार्षद संजय जायसवाल ने जांच की मांग...देखें?
September 24, 2026
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