बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के संदर्भ में यादव समाज का उल्लेख किए जाने को लेकर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा छत्तीसगढ़ युवा प्रकोष्ठ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राम सजीला यादव ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनके विरोध के बाद अजय चंद्राकर ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यादव समाज की भावनाओं को आहत करना उनका उद्देश्य नहीं था और यदि उनके वक्तव्य से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे खेद व्यक्त करते हैं।
राम सजीला यादव ने कहा कि युवा कांग्रेस का चुनाव संगठन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। चुनाव लड़ना, अपनी पसंद का नेतृत्व चुनना और संगठनात्मक प्रक्रिया में भाग लेना प्रत्येक कार्यकर्ता का लोकतांत्रिक अधिकार है। युवा कांग्रेस के चुनाव को किसी खींचतान या विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सभी को सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस का चुनाव संगठन का विषय है, जबकि यादव समाज का सम्मान और सामाजिक भावनाएं अलग विषय हैं। दोनों को आपस में जोड़ना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। राजनीतिक या संगठनात्मक संदर्भ में किसी समाज से जुड़े प्रसंग का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि समाज की भावनाओं और सम्मान का विषय संवेदनशील होता है।
*वीडियो के अंश को लेकर चंद्राकर ने दिया स्पष्टीकरण*
विरोध के बाद अजय चंद्राकर ने अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रेस वार्ता में महाभारत के प्रसंग का उल्लेख युवा कांग्रेस के चुनाव के संदर्भ में किया गया था। उन्होंने कहा कि यादव समाज की भावनाओं को आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था। उनका यह भी कहना है कि वीडियो का कुछ अंश ही प्रसारित किया जा रहा है, जिससे पूरे बयान का संदर्भ स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि उनके वक्तव्य से यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वे उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
*राम सजीला यादव बोले—खेद के साथ सार्वजनिक माफी भी हो*
राम सजीला यादव ने कहा कि उन्होंने अपनी आपत्ति किसी व्यक्तिगत राजनीतिक विवाद के कारण नहीं, बल्कि यादव समाज के सम्मान और स्वाभिमान को ध्यान में रखते हुए दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा, “युवा कांग्रेस का चुनाव पूरी तरह संगठन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और हम उसका सम्मान करते हैं। लेकिन यादव समाज का सम्मान भी हमारे लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। दोनों विषयों को आपस में जोड़ना उचित नहीं है। हमने इसी बात पर आपत्ति दर्ज कराई थी।”
राम सजीला यादव ने कहा कि अजय चंद्राकर ने यादव समाज की भावनाएं आहत होने पर खेद व्यक्त किया है, लेकिन केवल खेद व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है। यदि किसी सार्वजनिक वक्तव्य से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो अजय चंद्राकर को यादव समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद और संगठनात्मक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक संदर्भ में सामाजिक सम्मान और भावनाओं की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। यादव समाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास रखता है और समाज के सम्मान से जुड़े विषयों पर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।


