कोरिया/पोड़ी बचरा। ग्राम पंचायत जिल्दा में अंग्रेजी शराब दुकान शुरू होने के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय वाहनों की आवाजाही बढ़ने, कुछ मामलों में तेज रफ्तार वाहन चलने तथा सड़क पर मवेशियों के विचरण के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
हाल ही में सड़क दुर्घटना में एक युवक के घायल होने की घटना के बाद ग्रामीणों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताएं और बढ़ गई हैं। हालांकि दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शाम के समय बढ़ती है चिंता
ग्रामीणों के अनुसार शाम के समय सड़क पर यातायात अपेक्षाकृत अधिक रहता है। ऐसे समय में तेज रफ्तार वाहन, सड़क पर अचानक आ जाने वाले मवेशी तथा लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने की घटनाएं दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सड़क पार करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। कई ग्रामीणों ने शाम के समय सड़क सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की आवश्यकता बताई है।
शराब दुकान और सड़क सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि शराब दुकान शुरू होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं बढ़ी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि नशे की स्थिति में वाहन चलाने की आशंका से जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी विशेष घटना या व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस और प्रशासन समय-समय पर वाहन जांच अभियान चलाएं तथा सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
मवेशी भी बन रहे चुनौती
क्षेत्र में सड़क पर खुलेआम घूमने वाले मवेशियों को भी दुर्घटनाओं का एक कारण माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात और शाम के समय सड़क पर मवेशियों की उपस्थिति से वाहन चालकों को अचानक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मवेशियों के प्रबंधन के लिए भी प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- शाम के समय शराब दुकान के आसपास विशेष पुलिस निगरानी हो।
- वाहन जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन कराया जाए।
- तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई हो।
- सड़क पर घूमते मवेशियों की समस्या का समाधान किया जाए।
- आवश्यकता होने पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थल का निरीक्षण कराया जाए।
प्रशासन से अपेक्षा
ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा करने के बजाय समय रहते रोकथाम के उपाय किए जाने चाहिए। सड़क सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान के माध्यम से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन ग्रामीणों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
रिपोर्ट: CNB LIVE NEWS
स्थान: जिल्दा, पोड़ी बचरा, जिला कोरिया, छत्तीसगढ़


