कोरिया/सूरजपुर | CNB LIVE NEWS
कोरिया और सूरजपुर जिले की सीमा पर स्थित गोबरी नदी पर आवागमन की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप ले चुकी है। वर्ष 2025 में पुल ध्वस्त होने के बाद ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया गया वैकल्पिक रपटा भी जुलाई 2026 की बारिश में बह गया, जिससे हजारों लोगों का संपर्क दोबारा टूट गया। लगातार एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पहले पुल टूटा, फिर बह गया वैकल्पिक रपटा
30 जून 2025 को गोबरी नदी पर बना पुल तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद आवागमन बहाल करने के उद्देश्य से लगभग 15 लाख रुपये की लागत से वैकल्पिक रपटा बनाया गया। लेकिन 18 जुलाई 2026 को भारी बारिश में वह भी बह गया और क्षेत्र का संपर्क फिर टूट गया।
हजारों ग्रामीण प्रभावित
रपटा बहने के बाद आसपास के कई गांवों के लोगों को स्कूल, अस्पताल, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
- क्या वैकल्पिक रपटा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाया गया था?
- निर्माण कार्य की तकनीकी जांच किसने की थी?
- यदि क्षेत्र संवेदनशील था तो स्थायी पुल निर्माण में इतनी देरी क्यों हुई?
- बार-बार संपर्क टूटने की जिम्मेदारी किस विभाग की है?
प्रशासन से ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि:
- पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
- यदि निर्माण या निगरानी में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- गोबरी नदी पर शीघ्र स्थायी एवं सुरक्षित पुल का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
प्रशासन का पक्ष
इस संबंध में संबंधित विभाग और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(यह समाचार उपलब्ध तथ्यों, स्थानीय जानकारी और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम जांच और प्रशासनिक निर्णय के अधीन होगा।)


