रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के हस्ताक्षर से जारी बताए जा रहे एक पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
वायरल पत्र में एक शिक्षक को मंत्री के निवास कार्यालय में कार्य करने के लिए बुलाने का उल्लेख है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि इस प्रकार का आदेश सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।
हालांकि, पत्र की प्रामाणिकता और इसके संबंध में सरकार या मंत्री की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में वायरल दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना आवश्यक है।
यदि सरकार या मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी होता है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।
@सोर्स > सोशल मीडिया


