कापू वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक, कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त; ग्रामीणों में दहशत
संवाददाता: संतोष कुमार सूर्यवंशी
सम्भागीय ब्यूरो हेड | CNBLIVE
रायगढ़। कापू वन परिक्षेत्र के अलोला और टेड़ासेमर गांव में जंगली हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शनिवार देर रात जंगल से निकले दो हाथी गांव की बस्ती में घुस आए और कई कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे। हालांकि समय रहते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, हाथियों ने अलोला गांव में रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों के गांव में घुसने से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ा।
इसके बाद दोनों हाथी टेड़ासेमर गांव पहुंच गए, जहां दसरिन कोरवा का कच्चा मकान और कार्तिक कोरवा की झोपड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी। काफी देर तक ग्रामीणों द्वारा हल्ला मचाने के बाद हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए।
वन विभाग के अनुसार, इन दिनों कापू वन परिक्षेत्र में लगभग 19 हाथियों का दल अलग-अलग जंगलों में विचरण कर रहा है। इनमें से दो हाथी पिछले एक सप्ताह से अलोला गांव के आसपास सक्रिय हैं और रात के समय भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच रहे हैं।
इसी बीच शुक्रवार शाम अलोला बीट क्षेत्र में बाइक से कापू से किलकिला जा रहे 35 वर्षीय राजेंद्र सर्पराज और उनके साथी सुखराम डोगीदरहा का सामना सड़क किनारे खड़े हाथियों से हो गया। हाथी के अचानक आक्रामक होने पर दोनों जान बचाकर भागे। सुखराम सुरक्षित निकल गए, जबकि राजेंद्र सर्पराज को हाथी ने दौड़ाकर घायल कर दिया।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए रात के समय सतर्क रहें, जंगल की ओर अकेले न जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें। प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार सहायता की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।


