ओपन जिम का सामान उखाड़कर बना दिया भंगारI
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ओपन जिम का सामान उखाड़कर बना दिया भंगारI

शशि रंजन सिंह

2024 में लाखों रुपये की लागत से पार्षद निधि से स्थापित हुआ था कसरत का सामान, अब डुमरिया बांध के किनारे पड़ा नजर आ रहा

*शशी रंजन सिंह*

*सूरजपुर/जरही(सी एन बी लाइव न्यूज जिला ब्यूरो):---*नगर पंचायत जरही में सार्वजनिक सुविधाओं और शासकीय राशि के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्ड क्रमांक 10 में वर्ष 2024 में पार्षद निधि से डुमरिया बांध के समीप स्थापित किया गया ओपन जिम अब बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। जिस जिम के सामान का उपयोग लोग सुबह की सैर के बाद व्यायाम के लिए करते थे, वही सामान अब उखड़ा हुआ किनारे पड़ा है और कबाड़ में तब्दील होता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ओपन जिम में लगाए गए कसरत के उपकरणों को हाल ही में उखाड़कर अलग कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाए गए इन उपकरणों को किसके निर्देश पर हटाया गया और हटाने के बाद इन्हें कहीं दूसरी जगह स्थापित क्यों नहीं किया गया?
लाखों खर्च के बाद आखिर क्यों उखाड़े गए उपकरण?
बताया जाता है कि वर्ष 2024 में वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद की निधि से डुमरिया बांध के समीप ओपन जिम स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को खुले वातावरण में व्यायाम की सुविधा उपलब्ध कराना था। सुबह बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने पहुंचते थे और जिम के उपकरणों का उपयोग कर हल्की-फुल्की कसरत करते थे।
लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। जिम के उपकरण अपनी जगह से उखड़े हुए पड़े हैं। न तो उन्हें व्यवस्थित किया गया है और न ही किसी दूसरी जगह स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में शासकीय राशि से खरीदे गए सामान की सुरक्षा और उपयोगिता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।


अध्यक्ष के संरक्षण में हटाने का आरोप


स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष की जानकारी और संरक्षण में ओपन जिम के उपकरणों को हटाया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रशासनिक या तकनीकी कारण से जिम को हटाना जरूरी था, तो उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखकर दोबारा स्थापित किया जाना चाहिए था।
इसके बजाय उपकरणों का खुले में पड़े रहना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

जनता के पैसे से बनी सुविधा, अब किसके काम आएगा कबाड़?

ओपन जिम का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य और व्यायाम की सुविधा देना था, लेकिन जिस तरह से उपकरण उखड़े हुए पड़े हैं, उससे यह सुविधा अब खुद सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाए गए संसाधनों को इस तरह खराब होने के लिए छोड़ना उचित नहीं है।
लोगों ने मांग की है कि नगर पंचायत प्रशासन पूरे मामले की जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि ओपन जिम के उपकरण किस आदेश पर हटाए गए, इन्हें हटाने का कारण क्या था, इसकी लागत कितनी थी और वर्तमान में इन उपकरणों की जिम्मेदारी किसकी है।
यदि उपकरणों को किसी दूसरी जगह स्थापित किया जाना था, तो अब तक ऐसा क्यों नहीं किया गया—इसका जवाब भी नगर पंचायत को देना चाहिए। फिलहाल डुमरिया बांध के किनारे पड़ा ओपन जिम का सामान जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव पर सवाल खड़े कर रहा है।

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