कोरिया/भारतीय जनता पार्टी द्वारा विश्राम गृह बैकुण्ठपुर में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस असवर पर भाजपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णबिहारी जायसवाल,जिला महामंत्री पंकज गुप्ता,कपिल जायसवाल,जिला मंत्री शारदा गुप्ता,जिला मीडिया प्रभारी तीरथ राजवाड़े,पूर्व नपाध्यक्ष कुन्ती चक्रधारी,जिला सह मीडिया प्रभारी वर्षा साहू,गणेश यादव,नगर निकाय प्रकोष्ठ सह संयोजक प्रशांत गुप्ता,मंडल उपाध्यक्ष संतोष राजवाड़े, महामंत्री हरिओम साहू उपस्थित रहें।
भाजपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि,कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन पर चुनाव आयोग एवं संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की बैठक और संयुक्त प्रेस वक्तव्य के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। कांग्रेस और विपक्ष केवल झूठी सनसनी फैलाने का काम कर रहे हैं।
जिलाध्यक्ष तिवारी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्तों की 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में स्पष्ट किया गया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (ैप्त्) सहित आयोग के प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 24 जून के मूल आदेश से लेकर विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तय समय-सारणी तक सभी निर्णय आयोग की पूर्ण सहमति से लिए गए हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत विषय अथवा ैप्त् से संबंधित नहीं था। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट को भी तथ्यों के बजाय कल्पना पर आधारित कहानी बताया। और फॉर्म-6 के घोषणा पत्र को लेकर भी सर्वाेच्च न्यायालय पूर्व में अपनी वैधता स्पष्ट कर चुका है।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णबिहारी जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के लिए चुनाव आयोग, सर्वाेच्च न्यायालय और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से दी गई स्पष्टता के बाद विपक्ष के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है और कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। श्री जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि जहां-जहां विपक्षी दलों की सरकार बनती है,वहां चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी नजर नहीं आती,लेकिन जहां जनता उन्हें नकार देती है,वहां चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने लगते हैं। उन्होंने विपक्ष पर मनगढ़ंत आरोपों के जरिए जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया।



