पटना/कुडेली। कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र अंतर्गत नरकेली पारा में 24 वर्षीय सुषमा सोनवानी की संदिग्ध मौत का मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है। मृतका का शव गांव के पास पेड़ के नीचे मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। प्रारंभिक पुलिस दस्तावेजों में मौत को फांसी से जोड़कर देखा गया, लेकिन सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण Hypovolemic Haemorrhagic Shock यानी अत्यधिक रक्तस्राव के कारण शॉक बताया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में Extensive Internal Haemorrhage यानी व्यापक अंदरूनी रक्तस्राव के साथ ICH (Intracranial Haemorrhage) यानी खोपड़ी/दिमाग के अंदर रक्तस्राव का भी उल्लेख है। रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति को “Matter of police investigation” यानी पुलिस जांच का विषय बताया गया है।
पुलिस से उठ रहे हैं ये सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मामला फांसी का है, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में व्यापक अंदरूनी रक्तस्राव और दिमाग के अंदर रक्तस्राव को मृत्यु के कारण के रूप में क्यों दर्ज किया गया?
क्या मृतका के शरीर पर चोट के निशान थे?
यदि थे तो उनकी प्रकृति क्या थी और वे कैसे लगीं?
क्या घटनास्थल की फोरेंसिक जांच कराई गई?
पेड़, कथित फांसी के स्थान और आसपास से क्या-क्या साक्ष्य जुटाए गए?
क्या पुलिस ने मृतका के पति राजेश कुर्रे समेत परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं?
मृतका के मायके पक्ष ने पति पर संदेह जताया है। हालांकि, पति पर लगाए गए आरोपों की अभी पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह भी सवाल महत्वपूर्ण है कि पुलिस ने मायके पक्ष के आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ाई है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस दस्तावेज में अंतर क्यों?
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यही है कि एक ओर पुलिस दस्तावेज में मौत को फांसी से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं पोस्टमार्टम राय में अत्यधिक रक्तस्राव, अंदरूनी रक्तस्राव और ICH का उल्लेख है।
ऐसे में पुलिस के सामने यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और पोस्टमार्टम में सामने आए रक्तस्राव की वजह क्या रही।
सुषमा दो बच्चों की मां थी। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं—क्या पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और घटनास्थल के साक्ष्यों को जोड़कर मौत की असली वजह सामने ला पाएगी? या मामला फांसी बताकर ही आगे बढ़ेगा?
> नोट: उपलब्ध पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। पति के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप/संदेह हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।


