सूरजपुर/संजयनगर। संजय नगर के सड़कपारा क्षेत्र में एक 25 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान निकिता बाइन के रूप में बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार निकिता गर्भवती थी और उसकी मौत के समय वह करीब नौ माह की गर्भवती थी। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
परिजनों के मुताबिक निकिता का शव घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
मायके पक्ष ने पति पर लगाए गंभीर आरोप
मृतका के मायके पक्ष ने उसके पति आकाश बाइन पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि निकिता ने पहले भी अपने साथ होने वाली कथित प्रताड़ना की जानकारी परिवार को दी थी।
परिजनों का यह भी आरोप है कि पति के कथित अन्य महिलाओं से संबंधों को लेकर दंपती के बीच विवाद होता था। उनका दावा है कि निकिता ने इस संबंध में अपने पिता को भी जानकारी दी थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी सत्यता जांच का विषय है।
परिजनों को हत्या की आशंका
मृतका के परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए आशंका जताई है कि निकिता की हत्या करने के बाद शव को फांसी पर लटकाया गया हो सकता है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पोस्टमार्टम और जांच से खुलेगा मौत का राज
मामले में पुलिस द्वारा घटनास्थल की जांच, परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में हत्या या दहेज प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल मृतका के मायके पक्ष के आरोपों को जांच का विषय माना जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने से पहले इसे हत्या या आत्महत्या घोषित करना उचित नहीं होगा।
प्रशासन और पुलिस से सवाल
गर्भवती महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई?
घटनास्थल और पोस्टमार्टम से क्या तथ्य सामने आते हैं?
क्या पहले से दहेज प्रताड़ना या मारपीट की कोई शिकायत दर्ज थी?
मृतका द्वारा परिवार को बताई गई कथित प्रताड़ना की जांच होगी?
पुलिस सभी आरोपों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच करेगी या नहीं?
अब इस मामले में पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी, जिसके आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।


