चिरमिरी। बरतुंगा क्षेत्र में लंबे समय से उपयोग किए जा रहे सार्वजनिक मार्ग को बंद किए जाने का मामला सामने आया है। मार्ग पर मिट्टी, मलबा और चट्टानें डालकर आवागमन बाधित किए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं। इसको लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।
स्थानीय लोगों से मुलाकात करने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता/जनप्रतिनिधि ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन द्वारा बिना पूर्व सूचना और पर्याप्त वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था किए बरतुंगा मार्ग को बंद किया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों के दैनिक आवागमन में परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियां अपने स्थान पर आवश्यक हो सकती हैं, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा और आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उचित वैकल्पिक व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन, नगर निगम और SECL प्रबंधन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की।
वहीं, मार्ग बंद करने के पीछे SECL की ओर से क्या कारण बताए गए हैं और इस संबंध में कोई पूर्व सूचना अथवा वैकल्पिक मार्ग की योजना बनाई गई थी या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग और SECL प्रबंधन का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जानी चाहिए। दूसरी ओर, मार्ग बंद करने से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं की भी संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जानी आवश्यक है।
मामला अब प्रशासन और SECL प्रबंधन की कार्रवाई पर टिका है। यदि वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था शीघ्र नहीं होती है, तो नागरिकों की ओर से आंदोलन अथवा कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है।


