विश्रामपुर/सूरजपुर। सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलफिली में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यार्थियों ने प्राचार्य को संस्था से हटाने और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही लटोरी तहसीलदार चंद्रशिला जायसवाल, सूरजपुर बीईओ हरेंद्र सिंह सहित जयनगर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं। इसके बाद प्राचार्य सहित विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों से भी मामले को लेकर बयान लिए गए।
प्राचार्य पर छात्राओं और महिला कर्मी से अभद्रता के आरोप
विद्यार्थियों एवं शिकायतकर्ताओं की ओर से प्राचार्य आईडी खलखो पर महिला कर्मी और छात्राओं के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। एक महिला कर्मी ने आरोप लगाया कि उसके घर में अकेले रहने के दौरान प्राचार्य द्वारा घर में प्रवेश करने का प्रयास किया गया।
इसके अलावा महिला कर्मी से कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग करने, पैसे नहीं देने पर परेशान करने की धमकी देने तथा अपने उच्च पद पर जाने के लिए पैसे की आवश्यकता होने की बात कहने के आरोप भी सामने आए हैं।
प्राचार्य पर विद्यालय में शराब के नशे में पहुंचने तथा विद्यालय के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी विद्यार्थियों एवं शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं।
स्कूल गेट पर ढाई घंटे चला प्रदर्शन
मंगलवार दोपहर विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं की प्रमुख मांग थी कि प्राचार्य को तत्काल विद्यालय से हटाया जाए और महिला कर्मियों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों की ओर से विद्यार्थियों को आश्वासन दिया गया कि मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्राचार्य को तत्काल संस्था से पृथक रखने तथा विभागीय व्यवस्था किए जाने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
शिक्षिका निर्मला ज्योति को मिला प्राचार्य का प्रभार
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद विद्यालय की शिक्षिका निर्मला ज्योति को प्राचार्य का प्रभार सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। विद्यार्थियों को अधिकारियों ने पखवाड़े के भीतर प्राचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
अब विभागीय जांच पर टिकी निगाहें
मामले में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। ऐसे में अब शिक्षा विभाग द्वारा की जाने वाली विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल विद्यार्थियों के आंदोलन के बाद विभाग ने तत्काल व्यवस्था में बदलाव किया है।
CNB LIVE NEWS के लिए रिपोर्ट — संतोष सिंह सूर्यवंशी
डकईपारा, पटना, जिला कोरिया, छत्तीसगढ़


