बलरामपुर-रामानुजगंज। प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी श्री मुन्नालाल ध्रुवे को लेकर विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में आदिवासी विकास विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार, उन्हें जनपद सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संलग्नीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति व्यवस्था के तहत दिया गया है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, बलरामपुर समीक्षा जैसवाल ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आश्रम-शालाओं में कार्यरत अधीक्षक सह प्रधान पाठक का पदनाम अब केवल प्रधान पाठक किया जा रहा है तथा इन संस्थाओं का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार, जिन संस्थानों में अधीक्षक का पृथक पद स्वीकृत है और भर्ती प्रक्रिया जारी है, वहां नियमित नियुक्ति होने तक वर्तमान कर्मचारी प्रतिनियुक्ति अथवा प्रभार के आधार पर कार्य करते रहेंगे।
24 फरवरी 2025 के आदेश के तहत प्रतिनियुक्ति
विभाग ने बताया कि श्री मुन्नालाल ध्रुवे पूर्व से अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर के 24 फरवरी 2025 के आदेश के तहत उन्हें सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, बलरामपुर कार्यालय में प्रभारी क्षेत्र संयोजक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था।
इसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था के तहत उन्हें आगामी आदेश तक प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया।
विभाग ने कहा—नया संलग्नीकरण नहीं
आदिवासी विकास विभाग ने स्पष्ट किया कि श्री ध्रुवे को दिया गया यह दायित्व किसी नए संलग्नीकरण के आधार पर नहीं है। विभाग के अनुसार, वे शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण समाप्त होने से पहले ही आदिवासी विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं और वर्तमान में उनके वेतन एवं अन्य भत्तों का भुगतान भी आदिवासी विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है।
विभाग ने कहा कि यह स्पष्टीकरण प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सामने आई भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
स्थान: डकईपारा, पटना, जिला कोरिया, छत्तीसगढ़
CNB LIVE NEWS | रिपोर्टर: संतोष सिंह सूर्यवंशी


