CG कोरिया "क्या जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे कार्यवाही...या मामले की होगी लीपा - पोती...? क्या बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए चिंतित नहीं है शिक्षक...? निरीक्षण में तीन शिक्षक मिले नदारद...देखें?

CG कोरिया "क्या जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे कार्यवाही...या मामले की होगी लीपा - पोती...? क्या बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए चिंतित नहीं है शिक्षक...? निरीक्षण में तीन शिक्षक मिले नदारद...देखें?


 

5वीं बार औचक निरीक्षण में तीन शिक्षक मिले नदारद, वेतन कटौती और कार्रवाई की उठी मांग

सोनहत (कोरिया)। कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कचोहर स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिसमें पदस्थ प्रधान पाठक शिवशंकर कमलवंशी, शिक्षिका सोम प्रभा सिदार एवं शिक्षिका सुमन राठौर विद्यालय से अनुपस्थित मिले।

बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान इन शिक्षकों के लगातार पांचवीं बार अनुपस्थित पाए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के शिक्षक सप्ताह में केवल दो से तीन दिन ही स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

निरीक्षण के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य को बताया कि शिक्षकों की नियमित अनुपस्थिति के कारण वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते, जबकि उन्हें पूरा वेतन मिल रहा है।

औचक निरीक्षण के समय संकुल समन्वयक, ग्राम सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे। जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह ने शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की कि संबंधित शिक्षकों के 12 दिनों का वेतन काटा जाए तथा शेष वेतन का भुगतान किया जाए। साथ ही सभी अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाए। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

सुरेश सिंह ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। यदि शिक्षक लगातार अनुपस्थित रहेंगे तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

नोट: यह समाचार निरीक्षण के दौरान लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित है। संबंधित शिक्षकों या शिक्षा विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। 

सोर्स सोशल मीडिया 

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