CG कोरिया "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित...देंखे?

CG कोरिया "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित...देंखे?


*कोरिया, 24 जुलाई 2026/* कलेक्टर रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सोस में ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एन. एस. रावटे, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन तथा जिला मिशन समन्वयक श्रीमती दीपिका पटेल के नेतृत्व में किया गया।


कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें फिशिंग कॉल एवं संदेशों से सतर्क रहने, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करने, सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखने, संदिग्ध ईमेल, वेबसाइट एवं ऐप से दूर रहने, नियमित रूप से मजबूत पासवर्ड बदलने, डिवाइस का बैकअप लेने तथा दोहरी प्रमाणीकरण (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। मिशन शक्ति (हब) की टीम ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।


कार्यक्रम के दौरान संरक्षण अधिकारी श्रीमती वितबाला श्रीवास्तव ने घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के अंतर्गत महिलाओं को प्राप्त कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही किशोरी बालिकाओं से बाल विवाह एवं कम उम्र में प्रेम संबंधों से होने वाले सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों पर संवाद कर उन्हें जागरूक किया।


महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह हिंसा, उत्पीड़न अथवा किसी भी प्रकार की संकटग्रस्त महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके साथ ही शक्ति सदन योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि मिशन शक्ति (सामर्थ्य उपयोजना) के अंतर्गत संचालित यह केंद्र प्रायोजित योजना कठिन परिस्थितियों, मानव तस्करी अथवा घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, भोजन, चिकित्सा सुविधा एवं पुनर्वास उपलब्ध कराती है।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर महिला हेल्पलाइन 181 पर तत्काल संपर्क करने की सलाह दी गई।

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