अंबिकापुर–बनारस हाईवे पर भीषण टक्कर: मछली से भरी पिकअप क्षतिग्रस्त, हाईवा से भिड़ंत में सड़क पर बिखरे कंटेनर, लंबा जामI

अंबिकापुर–बनारस हाईवे पर भीषण टक्कर: मछली से भरी पिकअप क्षतिग्रस्त, हाईवा से भिड़ंत में सड़क पर बिखरे कंटेनर, लंबा जामI

शशि रंजन सिंह
*शशी रंजन सिंह* 

*सूरजपुर(सीएन बी लाइव ब्यूरो चीफ):--* सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोनगरा के पास अंबिकापुर–बनारस मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसने एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही को उजागर कर दिया। जानकारी के अनुसार अंबिकापुर से मछली लेकर आ रही पिकअप वाहन (क्रमांक CG 29AF 2711) की सामने से आ रही हाईवा (क्रमांक CG 13BC 8086) से जोरदार भिड़ंत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए। वाहन में रखे मछलियों से भरे प्लास्टिक कंटेनर सड़क पर दूर-दूर तक फैल गए और बड़ी मात्रा में मछलियां सड़क पर बिखर गईं। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर मछलियों के फैलने से फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
हादसे के बाद पिकअप चालक गंभीर रूप से घायल होकर वाहन में ही फंस गया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला और तत्काल एंबुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पताल भिजवाया। बताया जा रहा है कि हादसे में अन्य लोग भी घायल हुए हैं, हालांकि उनकी संख्या और स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
घटना की सूचना मिलते ही भटगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर बिखरे कंटेनरों और मछलियों को हटवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया जा सका। इस दौरान करीब एक से दो घंटे तक मार्ग प्रभावित रहा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों वाहनों की तेज रफ्तार और संभवतः 

ओवरटेकिंग के दौरान लापरवाही हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। हालांकि पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों वाहनों के चालकों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आ पाएगा।


स्थानीय लोगों का कहना है कि अंबिकापुर–बनारस मार्ग पर लगातार इस तरह के हादसे हो रहे हैं, बावजूद इसके


प्रशासन द्वारा प्रभावी नियंत्रण या सुरक्षा उपायों में अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मार्ग पर गति नियंत्रण, नियमित पेट्रोलिंग और चेतावनी संकेतों की व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

यह हादसा न केवल यातायात व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे और गंभीर रूप ले सकते हैं।
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