CG कोरिया "होली में केमिकल रंगों से बचें, प्राकृतिक रंगों का करें उपयोग...बाजार में उपलब्ध कई रंगों में हानिकारक केमिकल, शीशा, अभ्रक (माइका) और सिंथेटिक डाई का उपयोग : सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह

CG कोरिया "होली में केमिकल रंगों से बचें, प्राकृतिक रंगों का करें उपयोग...बाजार में उपलब्ध कई रंगों में हानिकारक केमिकल, शीशा, अभ्रक (माइका) और सिंथेटिक डाई का उपयोग : सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह


 @छत्तीसगढ़//संतोष सिंह सूर्यवंशी)

होली में केमिकल रंगों से बचें, प्राकृतिक रंगों का करें उपयोग : सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह

बैकुंठपुर (कोरिया)। होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन रासायनिक रंगों के उपयोग से त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इस संबंध में कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रशांत सिंह ने आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है।

डॉ. सिंह ने बताया कि बाजार में उपलब्ध कई रंगों में हानिकारक केमिकल, शीशा, अभ्रक (माइका) और सिंथेटिक डाई का उपयोग किया जाता है, जिससे त्वचा पर एलर्जी, खुजली, जलन, आंखों में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

होली खेलने से पहले रखें ये सावधानियां

त्वचा पर नारियल तेल, सरसों तेल या मॉइश्चराइजर लगाएं ताकि रंग सीधे त्वचा में न समाए।

बालों में अच्छी तरह तेल लगाएं और संभव हो तो कैप या स्कार्फ पहनें।

आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का उपयोग करें।

नाखून छोटे रखें और नेल पॉलिश या तेल लगाएं ताकि रंग अंदर न जाए।

सूती कपड़े पहनें, सिंथेटिक कपड़ों से बचें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

गहरे और अधिक रसायनयुक्त रंगों से दूरी बनाएं।

केवल हर्बल या प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।

आंख, नाक और मुंह में रंग जाने से बचाएं।

गुब्बारों से रंग फेंकने से बचें, इससे आंखों को चोट लग सकती है।

छोटे बच्चों पर जबरदस्ती रंग न लगाएं।

डॉ. सिंह ने कहा कि यदि होली खेलने के दौरान आंखों में जलन, त्वचा पर लाल चकत्ते, अधिक खुजली, सूजन या सांस लेने में परेशानी हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में संपर्क करें।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि थोड़ी सी सतर्कता अपनाकर होली को सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से मनाया जा सकता है।



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