*शशी रंजन सिंह*
*सूरजपुर/जरही/भटगांव।(सी एन बी लाइव न्यूज ब्यूरो चीफ):--* भटगांव क्षेत्र में होली के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। एसईसीएल की बंद पड़ी खदान में बनी गहरी नीली झील में डूबने से 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। पुलिस, डीडीआरएफ और एसईसीएल के बचाव दल ने संयुक्त अभियान चलाकर शव को बाहर निकाला।
• घर से निकला, वापस नहीं लौटा
भटगांव के बी-टाइप कॉलोनी निवासी विकास ठाकुर (15 वर्ष), पिता स्वर्गीय सुखविलास ठाकुर, होली के दिन दोपहर करीब 3:30 बजे घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने जब उसके मोबाइल पर फोन लगाया तो घंटी जा रही थी, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।
• मोबाइल लोकेशन से पहुंची पुलिस
काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर परिजनों ने भटगांव पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी ने तत्परता दिखाते हुए साइबर टीम की मदद से किशोर के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कराई। लोकेशन एसईसीएल की बंद खदान की नीली झील के पास मिली।
• झील किनारे मिले कपड़े, पानी में दिखा शव
पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो झील के किनारे किशोर के कपड़े पड़े मिले। झील में देखने पर पानी के भीतर एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया। झील काफी गहरी होने और रात हो जाने के कारण उसी समय शव को नहीं निकाला जा सका।
• डीडीआरएफ और बचाव दल ने निकाला शव
गुरुवार सुबह थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सूरजपुर डीडीआरएफ और एसईसीएल के बचाव दल ने संयुक्त प्रयास करते हुए करीब सुबह 11 बजे किशोर का शव झील से बाहर निकाला।
• नहाने के दौरान डूबने की आशंका
प्राथमिक अंदेशा लगाया जा रहा है कि किशोर दोस्तों के साथ नहाने के लिए झील तक गया होगा और गहरे पानी में चले जाने के कारण उसकी डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भटगांव अस्पताल भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
• बंद खदानों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि एसईसीएल की बंद पड़ी खदानों में न तो घेराबंदी है और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था। कोयला खनन के बाद पानी भर जाने से ये गड्ढे गहरी झील का रूप ले चुके हैं, जिससे अक्सर हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने बंद खदानों में सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
