जगन्नाथपुर ओसीपी कोयला प्रकरण: खड़गवां पुलिस चौकी की कार्रवाई पर उठे सवाल, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
*शशी रंजन सिंह*
*सूरजपुर/भटगांव(सी एन बी लाइव न्यूज ब्यूरो चीफ):--* जगन्नाथपुर ओसीपी में 15 जनवरी 2026 को सामने आए कथित कोयला चोरी प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। पांच केंद्रीय श्रमिक संगठनों—एचएमएस, बीएमएस, इंटक, एटक और सीटू—ने संयुक्त रूप से चौकी खड़गवां, थाना प्रतापपुर को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि पूरे मामले में खड़गवां पुलिस चौकी द्वारा केवल कर्मचारियों पर एकतरफा कार्रवाई की गई है, जबकि जिम्मेदारी उच्च अधिकारियों की भी बनती है।
ज्ञापन में कहा गया है कि खदान में कोयला प्रेषण की प्रक्रिया निर्धारित एसओपी के तहत संचालित होती है। वाहन की एंट्री, बूम बैरियर, चेक पोस्ट, लोडिंग, कांटा (वजन) और निकासी तक की प्रक्रिया में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक सभी की भूमिका होती है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जांच का दायरा सभी स्तरों तक जाना चाहिए।
संगठनों के अनुसार 14 फरवरी 2026 को दो कांटा लिपिकों को ड्यूटी के दौरान बयान दर्ज करने के नाम पर खड़गवां पुलिस चौकी बुलाया गया। आरोप है कि देर शाम दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि विभागीय जांच में अब तक उनकी दोष सिद्ध नहीं हुई है। श्रमिक संगठनों का कहना है कि इस कार्रवाई से कर्मचारियों में भय और आक्रोश का माहौल है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, जिला सूरजपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। संगठनों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वे स्वयं मामले का संज्ञान लें और निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करें, ताकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई हो सके और निर्दोष कर्मचारियों को राहत मिले।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि एकतरफा कार्रवाई पर रोक नहीं लगी और न्यायपूर्ण जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस संबंध में खड़गवां पुलिस चौकी या जिला पुलिस प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज है।
