स्वास्थ्य विभाग में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की जिम्मेदारी कर्मचारियों के साथ न्याय करना एवं जनहित की रक्षा करना होती है, लेकिन जब वही अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए व्यक्तिगत द्वेष के तहत एकपक्षीय एवं नियमविरुद्ध कार्यवाही करने लगें, तो कर्मचारियों का विरोध करना लाज़मी हो जाता है।
मुंगेली जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के सदस्य एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्री डोम प्रकाश कश्यप के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्यवाही पूर्णतः अन्यायपूर्ण, द्वेषपूर्ण एवं नियमों के विपरीत है।
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ द्वारा इस संबंध में दिनांक *15.12.2025* एवं *05.01.2026* को सीएमएचओ, मुंगेली को निलंबन निरस्त किए जाने हेतु लिखित रूप से अवगत कराया गया, परंतु आज दिनांक तक न तो कोई निर्णय लिया गया और न ही संघ को कोई जवाब दिया गया। यह अधिकारियों की तानाशाहीपूर्ण एवं गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को दर्शाता है।
सीएमएचओ की इस मनमानी से जिले सहित पूरे बिलासपुर संभाग के स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। संघ की संभाग स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि यदि अन्यायपूर्ण कार्यवाही तत्काल निरस्त नहीं की जाती है, तो दिनांक *_19.01.2026_* को सीएमएचओ कार्यालय, मुंगेली का संभाग स्तरीय घेराव किया जाएगा।
इस घेराव में बिलासपुर संभाग के समस्त स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी शामिल होंगे। आंदोलन के दौरान यदि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसकी पूर्ण नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मुंगेली *(डॉ. शीला शाह)* की होगी।
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ स्पष्ट करता है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।


