CG कोरिया" ❓ विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जिम्मेदारों की नजर कब...? जर्जर भवनों के भरोसे शिक्षा व्यवस्था, जिम्मेदार बेखबर...चार साल से पुराने स्कूल भवन में संचालित पॉड़ी महाविद्यालय, 200 से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल...देखें?
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CG कोरिया" ❓ विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जिम्मेदारों की नजर कब...? जर्जर भवनों के भरोसे शिक्षा व्यवस्था, जिम्मेदार बेखबर...चार साल से पुराने स्कूल भवन में संचालित पॉड़ी महाविद्यालय, 200 से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल...देखें?


पौड़ी बचरा। कोरिया जिले के पौड़ी बचरा तहसील क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां नवीन महाविद्यालय भवन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण शासकीय महाविद्यालय पौड़ी बचरा पिछले करीब चार वर्षों से पुराने और जर्जर स्कूल भवन में संचालित हो रहा है। महाविद्यालय में 200 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत बताए जा रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।


⚠️ आठ कमरों में से सिर्फ 3-4 कमरे उपयोग के लायक

जानकारी के अनुसार महाविद्यालय के लिए कुल आठ कमरे बताए जा रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल तीन-चार कमरे ही उपयोग के लायक हैं। भवन की छत और दीवारों की हालत खराब बताई गई है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर पानी टपकने की समस्या सामने आती है। जर्जर फर्श और पर्याप्त डेस्क-बेंच की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


महाविद्यालय के संचालन के लिए उपयोग किया जा रहा भवन पहले माध्यमिक विद्यालय के रूप में इस्तेमाल होता था। लंबे समय से भवन की मरम्मत और नए भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।


🏫 चार साल बाद भी नहीं मिला अपना भवन

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक पौड़ी बचरा में नवीन महाविद्यालय की शुरुआत हुए करीब चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन महाविद्यालय का अपना भवन अब तक तैयार नहीं हो पाया है। वर्तमान में पुराने भवन में पढ़ाई संचालित होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।


बताया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पौड़ी पहुंचने पर तहसील, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सहित कॉलेज की सौगात दी गई थी। इसके बावजूद कॉलेज भवन निर्माण की दिशा में ठोस प्रगति नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।


❓ विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जिम्मेदारों की नजर कब?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जर्जर भवन में पढ़ाई जारी रहती है और किसी तरह की दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? 200 से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए कॉलेज के लिए सुरक्षित एवं स्थायी भवन उपलब्ध कराने की मांग लगातार उठ रही है।


क्षेत्रवासियों और विद्यार्थियों का कहना है कि शिक्षा संस्थान केवल नाम से शुरू करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण, पर्याप्त कक्ष, बैठने की व्यवस्था और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।


अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और महाविद्यालय के लिए नए भवन का निर्माण कब शुरू होता है।


संवाददाता – संतोष सिंह सूर्यवंशी

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