धूमधाम से मनाया गया पटना में ईद मिलादुन्नबी का त्योहार
आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल बना आयोजन
पटना, जिला कोरिया। नगर पंचायत पटना में महबूबिया अंजुमन कमेटी के तत्वावधान में ईद मिलादुन्नबी का त्योहार बड़े ही सादगी, शालीनता और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर निकाले गए जुलूस-ए-मोहम्मदी में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
जुलूस पटना मस्जिद से प्रारंभ होकर इमली चौक, बस स्टैंड, मेन रोड, आदर्श चौक और बाजार से होते हुए पुनः मस्जिद परिसर पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया। इसके बाद मस्जिद में मिलाद शरीफ का आयोजन हुआ और लोगों के बीच लंगर का वितरण किया गया।
हिन्दू-मुस्लिम एकता की दिखी खूबसूरत तस्वीर
पटना में ईद मिलादुन्नबी का यह आयोजन सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल बना। यहां मुस्लिम समाज के त्योहारों में हिंदू भाई भी शामिल होकर बधाई देते हैं और खुशियों में शरीक होते हैं। इसी तरह हिंदू समाज के त्योहारों, विशेषकर हनुमान जयंती, के दौरान मुस्लिम युवा भी जगह-जगह स्टॉल लगाकर शरबत, पानी और बिस्कुट आदि की व्यवस्था करते हैं। दोनों समुदायों का एक-दूसरे के त्योहारों में सहभागिता करना पटना की गंगा-जमुनी तहजीब और मजबूत सामाजिक एकता को दर्शाता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री सिंह ने दिया भाईचारे का संदेश
इस अवसर पर नगर पंचायत पटना की अध्यक्ष गायत्री सिंह की उपस्थिति एवं सहयोग की भी सराहना की गई। उन्होंने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज सहित नगरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
अध्यक्ष गायत्री सिंह ने कहा कि पटना की पहचान केवल विकास कार्यों से नहीं, बल्कि यहां के लोगों के बीच कायम आपसी प्रेम और भाईचारे से भी है। सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर जिस तरह खुशियां बांटते हैं, वह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी नागरिकों से इसी तरह मिल-जुलकर रहने और सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री सिंह के साथ समस्त पार्षदों का भी सराहनीय सहयोग रहा। वहीं पटना पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर किए गए इंतजामों की भी आयोजन समिति और उपस्थित लोगों ने सराहना की।
ईद मिलादुन्नबी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रेम, शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ।








