टेंगनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ा हादसा टला, पहले से दरारों की शिकायत के बावजूद जारी था उपचार
कोरिया/पटना। कोरिया जिले में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। पटना तहसील के ग्राम टेंगनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भवन की जर्जर छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के वक्त इलाज कराने आई एक गर्भवती महिला के साथ मौजूद उसकी 5 वर्षीय बच्ची छत से गिरे मलबे की चपेट में आ गई, जिससे उसके सिर पर चोट आई।
घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद लोगों ने तत्काल बच्ची को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। राहत की बात यह रही कि बच्ची की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है, लेकिन यह हादसा किसी बड़े जानलेवा हादसे की चेतावनी बनकर सामने आया है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र का भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। छत और दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही थीं, इसके बावजूद न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए इलाज की व्यवस्था किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित की गई। नतीजतन विभागीय लापरवाही का खामियाजा एक मासूम बच्ची को भुगतना पड़ा।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और भवनों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है तथा जर्जर भवनों को सुरक्षित बनाने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए जाते हैं।
खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की निगरानी एवं संचालन।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), कोरिया – जिले के स्वास्थ्य संस्थानों की समग्र जिम्मेदारी।
लोक निर्माण विभाग (PWD) / स्वास्थ्य विभाग का भवन निर्माण एवं संधारण प्रकोष्ठ – यदि भवन का रखरखाव उनके अधीन था।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी – यदि भवन की जर्जर स्थिति की सूचना समय पर उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई हो या मरीजों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई हो।
संबंधित प्रशासनिक अधिकारी – यदि भवन को पहले से असुरक्षित घोषित किए जाने के बावजूद उसमें उपचार जारी रखा गया हो।





