CG ब्रेकिंग "गिरफ्तारी एक जगह, जुलूस दूसरी जगह... जांच पर उठे सवाल..."जांच नहीं, सुनियोजित खेल! पुलिस पर भूपेश का हमला... देखें?

CG ब्रेकिंग "गिरफ्तारी एक जगह, जुलूस दूसरी जगह... जांच पर उठे सवाल..."जांच नहीं, सुनियोजित खेल! पुलिस पर भूपेश का हमला... देखें?


 बैकुंठपुर/सोनहत: कोरिया जिले के नौगई गांव में हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे छत्तीसगढ़ की सियासत को गरमा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज ‘ग्राउंड जीरो’ पर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और मामले को लेकर सत्ताधारी दल व स्थानीय विधायक पर सीधा निशाना साधा। बघेल ने इसे कोई सामान्य आपराधिक घटना मानने से इनकार करते हुए इसे एक सुनियोजित नरसंहार करार दिया है।

’संवेदनहीनता की हद पार, आंसू पोंछने तक नहीं पहुंचीं विधायक’

भूपेश बघेल ने बिना नाम लिए भरतपुर-सोनहत की विधायक रेणुका सिंह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “इतनी बड़ी घटना के बाद भी क्षेत्र की जनप्रतिनिधि का इन दुखी परिवारों के बीच न आना उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। सत्ता के नशे में चूर नेताओं को आज पीड़ितों के आंसू नहीं दिख रहे हैं।”

पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े किए बड़े सवाल

भूपेश बघेल ने स्थानीय पुलिस की जांच पर गहरा अविश्वास जताते हुए उसे एक ‘पटकथा’ (Script) करार दिया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा:

अजीबोगरीब प्रक्रिया: “आरोपी गिरफ्तार कहीं और से होते हैं, सरेंडर कहीं और जाकर करते हैं, और पुलिस उनका जुलूस किसी तीसरी जगह निकाल रही है। यह जांच नहीं, बल्कि अपराधियों को बचाने का एक सुनियोजित खेल चल रहा है।”

संरक्षण का आरोप: बघेल ने दावा किया कि यह घटना दो गुटों के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि उच्च पदों पर बैठे लोगों के मौन समर्थन या सीधे संरक्षण में की गई एक सोची-समझी साजिश है।

’CBI जांच से ही सामने आएगा सच’

पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश पुलिस की जांच से निष्पक्षता की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा, “जब तक सीबीआई जांच नहीं होती, तब तक सच का पता नहीं चलेगा। दूध का दूध और पानी का पानी होने के लिए इस केस का किसी केंद्रीय एजेंसी के पास जाना आवश्यक है।”

कांग्रेस का एकजुट मोर्चा

इस दौरे के दौरान कांग्रेस की पूरी फौज एकजुट नजर आई। भूपेश बघेल के साथ भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो और बैकुंठपुर की पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव भी मौजूद रहीं। इन नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती और षड्यंत्र के पीछे छिपे असली चेहरों का खुलासा नहीं होता, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

सियासी हलचल:

विपक् द्वारा CBI जांच की मांग और स्थानीय विधायक को सीधे घेरे में लेने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं कि क्या दबाव में आकर सरकार इस मामले को जांच के लिए आगे बढ़ाती है, या यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक संग्राम छेड़ेगा।

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