CG कोरिया "क्या नगर पंचायत पटना में बैठ कर कोई कर रहा अवैध वसूली... देखें video?

CG कोरिया "क्या नगर पंचायत पटना में बैठ कर कोई कर रहा अवैध वसूली... देखें video?


 महतारी वंदन योजना की KYC के नाम पर ₹50 वसूली का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल; जांच की उठी मांग




पटना (कोरिया)। कोरिया जिले के पटना क्षेत्र में महतारी वंदन योजना की e-KYC के नाम पर कुछ CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों द्वारा प्रति हितग्राही ₹50 वसूले जाने का आरोप सामने आया है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी साझा करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह महतारी वंदन योजना की KYC कराने एक CSC केंद्र पहुंचे तो उनसे ₹50 की मांग की गई। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार यह सेवा निशुल्क है। इसके बाद उन्होंने इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने अपर कलेक्टर (ADM) राकेश कुमार से चर्चा की, जिन्होंने उन्हें CSC प्रभारी परमानंद यादव का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। शिकायतकर्ता के अनुसार, CSC प्रभारी से फोन पर हुई बातचीत में स्पष्ट किया गया कि महतारी वंदन योजना की KYC पूरी तरह निशुल्क है और इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इसके बावजूद कई CSC केंद्रों पर लोगों से ₹50 की वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि यदि बड़ी संख्या में हितग्राहियों से इस प्रकार राशि ली गई है तो यह लाखों रुपये की अवैध वसूली का मामला हो सकता है।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि CSC केंद्र संचालक ने बातचीत के दौरान कहा कि इस राशि का कुछ हिस्सा अधिकारियों तक भी जाता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने कलेक्टर एवं CSC प्रभारी से सभी संबंधित CSC केंद्रों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि आम जनता से होने वाली संभावित अवैध वसूली को रोकना है।

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया में भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, वहीं कई लोगों ने शासन की सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी।)

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