Chhattisgarh : दिग्विजय महाविद्यालय रासेयो के स्वयसेवकों द्वारा अनोखा प्रेरणादायक पहल... पढ़िए खबर में विस्तार से किस तरह से पक्षियों के लिए भोजन जल की व्यवस्था कर रहे हैं...-
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Chhattisgarh : दिग्विजय महाविद्यालय रासेयो के स्वयसेवकों द्वारा अनोखा प्रेरणादायक पहल... पढ़िए खबर में विस्तार से किस तरह से पक्षियों के लिए भोजन जल की व्यवस्था कर रहे हैं...-

PIYUSH SAHU (BALOD)
@राजनांदगांव// सीएनबी लाइव न्यूज़।।
पक्षियों के संरक्षण के लिए उठाए गए सराहनीय कदम
 दिग्विजय महाविद्यालय में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा पशु पक्षीयो बचाने को लेकर कई अन्य अलग अलग गतिविधियां चलाए जा रहे हैं जैसे की छत में नांदी या सकोरे , पेड़ पर रस्सी से बांधकर मटका रख रहे है और अन्य प्रकार के जहा चिड़ियों का आना जाना होता है वाहा पर बर्तन या नांदी में पानी भरकर रखना या दाना पानी की व्यवस्था स्वयंसेवक घर में रहकर अपने अपने जगह जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे है।
कार्यक्रम आधिकारी प्रोफेसर नूतन कुमार देवांगन व प्रोफेसर संजय कुमार देवांगन के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयसेवकों द्वारा पशु पक्षी बचाव अभियान चलाया जा रहा है व कार्यक्रम अधिकारी का कहना है कि  

 इस साल अप्रैल के महीने से ही शहरों और गांवों में तापमान अधिक है. इस बढ़ती धूप का परिणाम इंसानों के साथ साथ जानवरों और पक्षियों पर भी हो रहा है. बढ़ती धूप का परिणाम सबसे ज्यादा पंछियो पर होता है और इसी कारण उनके शरीर में पानी की मात्रा कम होती जाती है. उसी कारण उड़ते वक्त अचानक से नीचे गिराना या तारों में अटक जाना या फिर पानी के कारण तड़प के मर जाना यह पंछियों के साथ होता है!

वरिष्ठ स्वयंसेवक रिनेश वर्मा का कहना है : कि पक्षियों के खाने पीने की व्यवस्था करने के अलावा भी एक अच्छे व्यक्ति होने के नाते आप पक्षियों को बचाने के लिए कुछ उपाय अपने घर पर ही कर सकते हैं इसके अलावा भी अपने छत पर या बगीचे में मिट्टी के बर्तन में पानी भर कर रखना चाहिए और हो सके तो इन बर्तनों को धूप से बचा कर छाया में रखें.
अगर आप चाहे तो अपने घर के छत पर या बालकनी में पक्षियों को खाने के लिए रोटी या अनाज के दाने रख सकते हैं।
फिलहाल के समय में चिड़िया, कोयल, बुलबुल और कौंवे जैसे पक्षी धूप का शिकार होते हुए ज्यादा जगह देखे गए हैं. ऐसे समय में सामाजिक संस्था और पक्षी मित्रों को वन्यजीवों और पंछियों की जान बचाने के लिए आगे आकर उनके खाने-पीने की व्यवस्था करनी चाहिए।
महाविद्यालय के स्वयंसेवकों द्वारा यह प्रयास जारी है कि गर्मी व दाना पानी की वजह से पक्षियों का मौत ना हो ।।
यह जानकारी राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ स्वयंसेवक रिनेश वर्मा ने दी ।
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