सरगुजा में मिले बर्ड फ्लू से इंसानों को भी खतरा... यहाँ हुई H-5 N-1 वायरस की पहचान…
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सरगुजा में मिले बर्ड फ्लू से इंसानों को भी खतरा... यहाँ हुई H-5 N-1 वायरस की पहचान…

@सरगुजा//सीएनबी लाईव।। 

बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है. जिस वायरस की पुष्टि हुई है उसे पशु चिकित्सा विभाग ने इंसानों के लिए खतरनाक बताया। दरअसल अबतक कई राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. लेकिन जो वायरस सरगुजा में पाया गया है, वह अलग और इंसानों के लिए खतरनाक बताया जा रहा है।

सरगुजा में बर्ड फ्लू वायरस H-5 N-1 की पुष्टि हुई है. अन्य जगहों पर अबतक H-5 N-8 वायरस की पहचान हुई है. बर्ड फ्लू का H-5 N-1 वायरस इंसानों के लिये भी बेहद खतरनाक होता है. सरगुजा प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है. चिकन और अंडा खाने के शौकीन लोगों को भी सतर्क होने की जरूरत है।

एच 5 एन 1 के संक्रमण की पहचान

पशु चिकित्सा सेवा के उप संचालक डॉ एनपी सिंह ने बताया है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान एवियन इनफ्लूएन्जा ओआईई प्रयोग शाला भोपाल की ओर से शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र सकालो, अंबिकापुर के सैंपल जांच में एवियन इनफ्लूएन्जा एच 5 एन 1 का संक्रमण पाया गया।

भारत सरकार की ओर से एवियन इन्फ्लूएंजा की रोकथाम और संक्रमण के लिए संशोधित कार्य योजना 2021 के निर्धारित मापदंड के अनुसार काम किया जा रहा है. 1 किलोमीटर की परिधि को इन्फेक्टेड जोन और 10 किलोमीटर की परिधि को सर्विलेंस जोन घोषित किया गया है. सकालो प्रक्षेत्र के पक्षियों, अंडो और इन्फेक्टेड खाद्यान्न, औषधि, टीकाद्रव्य के डिस्पोजल और पुरे प्रक्षेत्र को डिस्इन्फेक्टेड किए जाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

वर्तमान में इलाके में 3 हजार 533 लेयर पक्षी, 18 हजार 397 चूजे, 30 हजार 265 अंडे उपलब्ध हैं. जिसका निस्तारण किया जा रहा है. 1 किलोमीटर की परिधि में विशेष टीम गठित कर सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया है।

क्षतिपूर्ति का होगा भुगतान

सर्वे के बाद पक्षियों को डिस्पोज किया जाएगा. शासन की ओर से निर्धारित क्षतिपूर्ति का भुगतान भी किया जाएगा. इस कार्रवाई के दौरान 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले समस्त कुक्कुट, कुक्कुट उत्पाद का विक्रय और परिवहन प्रतिबंधित रहेगा।

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